सागौन की अवैध कटाई और पहाड़ों में अवैध उत्खनन से दहशत में ग्रामीण, प्रशासन पर चुप्पी के आरोप

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दो वर्षों से जारी अवैध कारोबार, जंगल और पर्यावरण को भारी नुकसान

कोरिया जिला के रघुवीरपुर क्षेत्र में सागौन प्लांटेशन और उससे लगे पहाड़ी इलाकों में अवैध उत्खनन तथा पेड़ों की कटाई का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम पंचायत कदमनारा के सरपंच ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले करीब दो वर्षों से इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का कारोबार चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक जंगल क्षेत्र और पहाड़ियों को भारी मशीनों की मदद से लगातार काटा जा रहा है। रात-दिन ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के जरिए पत्थरों का उत्खनन कर उन्हें क्रेशरों तक पहुंचाया जा रहा है। आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार में पर्यावरणीय नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

सागौन समेत कई कीमती पेड़ों की कटाई

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन के साथ-साथ सागौन सहित अन्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई भी जारी है। इससे वन क्षेत्र तेजी से खत्म हो रहा है और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई पहाड़ियां धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही हैं, जिससे इलाके की प्राकृतिक संरचना बदलने लगी है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जंगलों में मशीनों की आवाज और लगातार हो रहे विस्फोटों से वन्य जीवों का रहन-सहन प्रभावित हो रहा है। कई बार जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आते देखे गए हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

प्रशासन और वन विभाग पर निष्क्रियता के आरोप

ग्राम पंचायत कदमनारा के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर कई बार प्रशासन और वन विभाग को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के कारण अवैध कारोबार करने वालों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन करने वाले लोग खुलेआम भारी मशीनों का उपयोग कर रहे हैं, इसके बावजूद संबंधित विभाग कार्रवाई से बचता नजर आ रहा है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध खनन और पेड़ों की कटाई पर रोक नहीं लगाई गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले इस अवैध कारोबार पर प्रशासन कब तक सख्त कदम उठाता है और ग्रामीणों को राहत मिल पाती है या नहीं।


Sansani Times Special

रघुवीरपुर के जंगलों में आखिर किसके संरक्षण में चल रहा अवैध उत्खनन?
क्या वन विभाग और प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहा है अवैध कारोबार?
इन सवालों के जवाब का इंतजार पूरे इलाके को है।

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