जांजगीर-चांपा में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई: किसान बनकर पहुंचे कृषि उप संचालक, 1400 से अधिक बोरी खाद जब्त, दुकान सील

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Sansani टाइम्स | जांजगीर-चांपा

जांजगीर-चांपा जिले में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए 1400 से अधिक बोरी उर्वरक जब्त कर एक निजी कृषि केंद्र को सील कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब किसानों से लगातार मिल रही शिकायतों की सत्यता जांचने के लिए कृषि विभाग के उप संचालक स्वयं किसान के रिश्तेदार बनकर खाद खरीदने पहुंचे और उन्हें भी निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खाद बेची गई।

किसानों की शिकायतों के बाद विभाग हरकत में

जिले में लंबे समय से किसानों द्वारा शिकायत की जा रही थी कि कुछ निजी कृषि केंद्र संचालक शासन द्वारा निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। आरोप था कि यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की बिक्री निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दरों पर की जा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग के उप संचालक राकेश कुमार शर्मा ने मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए स्वयं जांच करने का निर्णय लिया।

किसान के रिश्तेदार बनकर पहुंचे दुकान

जानकारी के अनुसार, उप संचालक ने अपनी पहचान छिपाते हुए और सरकारी वाहन का उपयोग न करते हुए किसान के रिश्तेदार के रूप में जिला मुख्यालय स्थित नेताजी चौक के नानकचंद-नंदकिशोर कृषि केंद्र का रुख किया।

यहां उन्होंने तीन बोरी यूरिया खाद खरीदने की इच्छा जताई। दुकान संचालक ने आधार कार्ड के माध्यम से पीओएस मशीन में एंट्री तो की, जिसमें प्रति बोरी यूरिया का निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये दर्ज था, लेकिन उपभोक्ता को बिल दिए बिना तीन बोरी यूरिया के बदले 2550 रुपये वसूल लिए।

यदि निर्धारित मूल्य के अनुसार गणना की जाए तो तीन बोरी यूरिया की कीमत लगभग 799.50 रुपये होती है, जबकि ग्राहक से तीन गुना से अधिक राशि ली गई।

अधिक कीमत पर आपत्ति के बावजूद नहीं माने संचालक

खरीदारी के दौरान उप संचालक ने अतिरिक्त राशि वसूलने पर आपत्ति भी दर्ज कराई। हालांकि, दुकान संचालक ने निर्धारित दर पर खाद देने से स्पष्ट इनकार कर दिया।

इसके बाद उप संचालक ने तत्काल कृषि विभाग की टीम को मौके पर बुलाया और पूरे मामले की जानकारी दी।

दुकान और गोदाम की जांच में बड़ा खुलासा

कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकान और उससे संबंधित गोदाम की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरक पाए गए।

अनियमितताओं के प्राथमिक प्रमाण मिलने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 1400 से अधिक बोरी खाद जब्त कर ली और संबंधित कृषि केंद्र को सील कर दिया।

खरीफ सीजन में किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर

कृषि विभाग के उप संचालक राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, लेकिन कुछ व्यापारी नियमों का उल्लंघन कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

व्यापारियों में मचा हड़कंप

कृषि विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले में उर्वरक कारोबार से जुड़े व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग के इस विशेष अभियान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों और हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि कोई व्यापारी खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या नियमों के उल्लंघन में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

किसानों ने कार्रवाई का किया स्वागत

किसानों ने कृषि विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे राहत देने वाला कदम बताया है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह नियमित जांच और निगरानी जारी रही तो खाद की कालाबाजारी पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा और किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध हो पाएगा।

निष्कर्ष

जांजगीर-चांपा में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग की यह कार्रवाई किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस कार्रवाई के बाद जिले में उर्वरकों की अवैध बिक्री और मनमानी कीमत वसूली पर कितना प्रभाव पड़ता है तथा दोषियों के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।

(Sansani टाइम्स के लिए विशेष रिपोर्ट)

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